यूपी के कई जिलों में हैण्डपम्प उगल रहे जहर, पीने लायक नहीं है पानी
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में हैण्डपम्प पानी के साथ घातक आर्सेनिक उगल रहा है तो कहीं क्रोमियम,कहीं पारा,आयरन जैसी अन्य घातक धातुएं। अभी हाल ही में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उ.प्र.जल निगम व पंचायतीराज विभाग को गम्भीर होती जा रही इस समस्या को प्राथिमकता पर निपटाए जाने के निर्देश भी दिये हैं।
मगर इसके बावजूद इन दोनों विभागों में खींचतान जारी है। उ.प्र.जल निगम के मुख्य अभियंता गया प्रसाद शुक्ल ने 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में कहा कि उनके निगम की एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी ने उपरोक्त निर्देश दिये हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिमी उ.प्र. के छह जिलों के भूगर्भ जल में अपमिश्रण मिला और आयरन की अधिकता की वजह से हैण्डपम्पों का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। यह छह जिले हैं-मेरठ, बागपत, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद। इन छह जिलों में करीब एक हजार हैण्डपम्पों पर जल निगम ने लाल निशान (रेड क्रास) लगाकर इनका इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया है।
इसी तरह पूर्वी यूपी के करीब डेढ़ दर्जन जिलों में कुल 1444 हैण्डपम्पों को आर्सेनिक की मात्रा बहुत ज्यादा मिलने पर लाल निशान लगाकर प्रतिबंधित किया गया है। अब उ.प्र.जल निगम ने पंचायतीराज विभाग को इन हैण्डपम्पों की सूची के साथ एक पत्र भेजा है जिसमें विभाग से अपेक्षा की गयी है कि वह इन प्रतिबंधित किये गये हैण्डपम्पों को उखड़वाए। मगर पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक उन्हें जल निगम की ओर से ऐसी कोई सूची या पत्र नहीं मिला है। जैसे ही यह ब्यौरा मिलेगा हम इन हैण्डपम्पों को उखड़वाकर अन्य स्थानों पर इन्हें स्थापित करवाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपम्प की मरम्मत और उनको लगाने या रिबोर करवाने की जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग की ही है।
इन जिलों के हैण्डपम्पों के पानी में आर्सेनिक दशमलव शून्य एक (प्वाइंट जीरो वन) मिलीग्राम प्रति लीटर पानी के मानक से ज्यादा पाया गया:
आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बस्ती, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, गोरखपुर, खीरी, कुशीनगर, लखनऊ, महाराजगंज, मऊ, सम्भल, संत कबीरनगर, सिद्धार्थनगर व सोनभद्र।
पेयजल में आर्सेनिक ज्यादा पाए जाने से सेहत को होने वाले नुकसान
कैंसर, मधुमेह, फेफड़ों का कैंसर, त्वजा का कैंसर, ऐनीमिया, ब्रांकाइटिस, सिरोसिस, हृदय रोग

पाठको की राय